Category: Mythology

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जानिए इंद्रजाल के रहस्य को indrajal ka rahasya

माना जाता है कि गुरु दत्तात्रे भी इन्द्रजाल के जनक थे। चाणक्‍य ने अपने अर्थशास्‍त्र में एक बड़ा भाग विद्या पर लिखा है। सोमेश्‍वर के मानसोल्‍लास में भी इन्द्रजाल का उल्लेख मिलता है। उड़ीसा...

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उपमन्यु ने सबक सीखा – Story of Upamanyu

बहुत, बहुत दिन हुए, धौम्य नाम के एक ऋषि थे। उनके आश्रम में अनेक बालक पढ़ा करते थे। उनमें से एक का नाम था उपमन्यु। उपमन्यु और दूसरे बालक गुरुजी के साथ आश्रम में...

Parikshit and Shrungi 0

आखिरी पांडव : सात दिनों का पहरा (Death of King Parikshit)

प्राचीन काल में राजा लोग केवल शौक के लिए ही शिकार नहीं करते थे। बनैले पशुओं को खत्म करना भी उनका उद्देश्य था ताकि वे वानप्रस्थियों को परेशान न करें। जब कभी कोई राजा...

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निळावंती आणि सूर्य स्पर्श – Nilavanti Book

निळावंती पुस्तकाची महती सर्वानाच ठाऊक आहे. अतिशय जुन्या काळातील हे पुस्तक असून ह्यांत एका अगम्य भाषेतील मंत्र आहेत आणि ह्या मंत्रातून आम्ही निसर्गाची शक्ती वापरून अनेक अतींद्रिय अश्या गोष्टी करू शकतो. संपूर्ण भारतांत ह्या...

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Shivleelamrut 11 Adhyay

All shiva bhakts know the importance of Shivleelamrut. The book narrates the greatness of Lord Shiva and how his worshippers can attain moksha. It is believed that this book is as sacred as vedas...

नाग 0

हिंदू धर्म के प्रमुख नाग । क्या आप इनको जानते है ?

बहुत प्राचीनकाल में लोग हिमालय के आसपास ही रहते थे। वेद और महाभारत पढ़ने पर हमें पता चलता है कि आदिकाल में प्रमुख रूप से ये जातियां थीं- देव, दैत्य, दानव, राक्षस, यक्ष, गंधर्व,...

जानिये वसिष्ठ ऋषी के बारमे 0

जानिये वसिष्ठ ऋषी के बारमे

Source बहुत से ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं दलित समाज के लोग वशिष्ठ गोत्र लगाते हैं। वे सभी वशिष्ठ कुल के हैं। वशिष्ठ नाम से कालांतर में कई ऋषि हो गए हैं। एक वशिष्ठ ब्रह्मा...

Rahu Ketu Story 0

राहु-केतु के बुरे असर को पलट दे लाल किताब के ये मारक-अचूक टोटके

1. खाना नंबर एक : यदि आपकी कुंडली के पहले भाव में राहु और सातवें भाव में केतु हो तो चांदी की ठोस गोली अपने पास रखें। 2. खाना नंबर दो : यदि आपकी कुंडली के...

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पांडवों को कैसे खुशी रखती थीं द्रौपदी? सत्यभामा को बताई थी ये बातें

वनवास के दौरान जब पांडव काम्यक वन में रह रहे थे। तब एक दिन भगवान श्रीकृष्ण सत्यभामा को लेकर उनसे मिलने पहुंचे। जब पांडव और श्रीकृष्ण भविष्य की योजना बना रहे थे। तब उनसे...