SamacharFirst.com has published this brilliant article by Shreyas Bharadwaj on RTE in Hindi. Readers are encouraged to read the whole piece on the website. Excerpts below.

देश में जिस तरह से शिक्षा के अधिकार कानून यानी आरटीई को लागू किया गया है वह किसी भी सूरत में शिक्षा और देश के लिए हितकारी साबित होता दिखाई नहीं दे रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि साल 2014 से 2016 के बीच 7,659 प्राइवेट एवं मान्यता प्राप्त स्कूल बंद हो चुके हैं। अकेले हरियाणा में 3413 स्कूल आगामी शैक्षणिक वर्ष 2017-18 में बंद होने की कागार पर हैं। इसका अहम कारण सिर्फ और सिर्फ आरटीई की लागू करने के संदर्भ में संतुलित मापदंड का नहीं होना है। यहीं वजह है कि एक तरफ तो माइनॉरिटी प्रधान शिक्षण संस्थानों में इजाफा हो रहा है, वहीं बहुसंख्यक समुदाय से जुड़े संस्थानों पर ताले लग रहे हैं।

RTE is not applicable to Christian and Muslim schools. It is applicable only to Hindu schools. This results into an unfair advantage to the minority institutions who are now able to attract best and brightest minds.