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  • Sadhana has never taken a stand on political issues that did not concern Hinduism. However in this case we are making an exception. Part of the reason is that we have seen that enemies of Hinduism around the world […]

  • सभी कलाकारों को तथा नर्तको को इस मंत्र का पठन करना चाहिए। इस मन्त्र से कला साधना में सफलता प्राप्ति होती है।

     

    सत सृष्टि तांडव रचयिता

    नटराज राज नमो नमः|

    हे नटराज आप ही अपने तांडव द्वारा सृष्टि की […]

  • Sadhana108 strongly supports unfettered free speech. We believe that Satya can be upset but never defeated and good ideas always win eventually. Ekam Sat Vipra Bahuda Vadanti is not more about wise men saying the […]

  • विन्ध्याचल पर्वत श्रेणी की गोद में फैले हुए विंध्य प्रदेश के मध्य भाग में बसा हुआ रीवा शहर जो मधुर गान से मुग्ध तथा बादशाह अकबर के नवरत्न जैसे – तानसेन एवं बीरबल जैसे महान विभूतियों की जन्मस्थली रही है। कलकल करती […]

  • I am mostly ignorant about things that are not related to my work. As an engineer working in silicon valley I have been donating and working with organizations that have titles of the type “South Asian X”. Mos […]

  • Ashwathama is a chiranjivi which means he is an immortal (or at least blessed with unusually long life). Which means he is perhaps alive and can be seen in India. This article describes sightings of Ashwathama […]

  • ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्ष, शांति पृथ्वी:
    शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शांति : ।

    वनस्पत्य: शांतिविश्वे: देवा: शांति,
    सर्वँ शान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सामा शान्तिरेधि॥

    ॐ शान्ति:! शान् […]

  • ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः।
    सर्वे सन्तु निरामयाः।

    सर्वे भद्राणि पश्यन्तु।
    मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥

    ॐ शान्तिः ! शान्तिः ! शान्तिः॥

    हिन्दी में अर्थ :
     
    हे प्रभु : सभी सुखी होवें, सभी रोग […]

  • चक्षुषोपनिषद नामक यह प्रार्थना आंखों के रोगों से मुक्ति और शानदार दृष्टि प्राप्त करने के लिए अचूक मंत्र है।

    इससे दृष्टि बढ़ जाती है और आँखें तेज हो जाती हैं।

    यह प्रार्थना भगवान सूर्य को संब […]

  • ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः

    त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।

    उर्वारुकमिव बन्धनात् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्

    ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ !!

    ।।इति।।

    भगवान शिव के उप […]

  • “ॐ गुरुजी, सत नमः आदेश। गुरुजी को आदेश। ॐकारे शिव-रुपी, मध्याह्ने हंस-रुपी, सन्ध्यायां साधु-रुपी। हंस, परमहंस दो अक्षर। गुरु तो गोरक्ष, काया तो गायत्री।

    ॐ ब्रह्म, सोऽहं शक्ति, शून्य माता, अव […]

  • ॥ श्रीगणेशमन्त्रस्तोत्रम् ॥

    श्रीगणेशाय नमः ।

    उद्दालक उवाच ।

    शृणु पुत्र महाभाग योगशान्तिप्रदायकम् ।
    येन त्वं सर्वयोगज्ञो ब्रह्मभूतो भविष्यसि ॥ १॥

    चित्तं पञ्चविधं प्रोक्तं क्षिप्तं मूढं मह […]

  • ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ । निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा ॥
    ऊँ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥

    “ऊँ गं गणपतये नमो नमः ।”

    “ॐ गं गणपतये नमः ।”षडाक […]

  • कालसर्प दोष मंत्र || Kaal Sarp Dosh Mantra

    ॐ क्रौं नमो अस्तु सर्पेभ्यो कालसर्प शांति कुरु कुरु स्वाहा || सर्प मंत्र ||
    ॐ नमोस्तु सर्पेभ्यो ये के च पृथिवीमनु ये अन्तरिक्षे ये दिवि तेभ्यः सर्पेभ्यो […]

  •  ॐ नम: शिवाय शंभवे कर्केशाय नमो नम:।

    ॐ उमा देवीभ्यां नम:।

    ॐ शंखिनीभ्यां नम:।

    ॐ नम: शिवाय संभवे व्योमेशाय नम:।

    ॐ धं धर्नुधारिभ्यां नम:।

    ॐ व्हां द्वार वासिनीभ्यां नम:।

    ॐ पद्मावतीभ्यां नम:। […]

  • “ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं चिरचिर गणपतिवर वर देयं मम वाँछितार्थ कुरु कुरु स्वाहा ।”

    Track – Rhinmochan Mahaganpati Strotam
    Singer – Shankar Mahadevan
    Composer – Kedar Pandit
    Lyrics – Traditi […]

  • ।।ऊँ गन्धद्वारां दुराधर्षां नित्यपुष्टां करीषिणीम् ईश्वरीं सर्वभूतानां तामिहोपह्रये श्रियम् ।।

     ॐ मंगलमूर्तये नमः । ऋण मुक्ति मंत्र : ऊँ हिरण्यवर्णा हरिणीं सुवर्णरतस्त्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयी […]

  • ॐ गं ऋणहर्तायै नमः ।

    ऊँ तां मSआ वह जातवेदों लक्ष्मीमनगामिनीम् । यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामवश्वं पुरुषानहम् ।।

     अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनाद प्रमोदिनीम् । श्रियं देवीमुप ह्रये श्री […]

  • ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी, भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्व ।

    गुरूश्व शुक्रः शनिश्राहुक, तवःकुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम ।।

    नमामि देवदेवशं भूतभावनमव्ययम्।

    दिवाकरं रविं भानुं मार्तण् […]

  • “ॐ केतुं कृण्वन्नकेतवे पेशो मर्य्याऽपेशसे। समुषभ्दिरजायथाः”।।

    “ऊँ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः”।केतु ग्रह का एकाक्षरी बीज मंत्र ||

    “ऊँ कें केतवे नम:” ।।केतु ग्रह का पौराणिक मंत्र ||

    “ॐ […]

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