आसन बांधू, वासन बांधू, बांधू अपनी काया। चारि खूंट धरती के बांधू हनुमत! तोर दोहाई।।   हनुमानजी के मंदिर के समीप स्थित बरगद या पीपल के वृक्ष की छोटी-छोटी चार…
Continue Reading